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फोर्स एक आधुनिक और प्रभावशाली कीटनाशक है, जिसमें सक्रिय तत्व के रूप में लेम्बडा सायहेलोथ्रिन 4.9% सी.एस. मौजूद है। यह एक सिंथेटिक पाइरेथ्रॉइड श्रेणी का कीटनाशक है, जिसे विशेष रूप से फसलों में होने वाले रस चूसने वाले एवं काटने-चबाने वाले कीटों के त्वरित और लंबे समय तक नियंत्रण के लिए विकसित किया गया है। फोर्स का प्रभाव तेज़ होता है और यह कम मात्रा में भी उच्च स्तर की सुरक्षा प्रदान करता है।
फोर्स कीटनाशक कीटों के तंत्रिका तंत्र पर सीधा प्रभाव डालता है, जिससे उनकी सामान्य गतिविधियाँ बाधित हो जाती हैं और वे शीघ्र निष्क्रिय होकर नष्ट हो जाते हैं। यह कपास में कीटों की सभी अवस्थाओं जैसे अंडा, इल्ली और वयस्क पर समान रूप से प्रभावी नियंत्रण करता है। विशेष रूप से यह रस चूसने वाले कीटों जैसे हरा मच्छर, चेपा, चुरदा, जैसिड, ऐफिड एवं थ्रिप्स के विरुद्ध अत्यंत कारगर सिद्ध होता है।
फोर्स का उपयोग कपास के साथ-साथ कई अन्य फसलों में भी किया जाता है। इसका प्रयोग लहसुन, प्याज और आलू में मुख्य रूप से थ्रिप्स नियंत्रण के लिए किया जाता है, जबकि धान की फसल में यह भूरा माहू और तना छेदक की रोकथाम में प्रभावी है। इसके नियमित और संतुलित उपयोग से कपास एवं अन्य फसलों की पत्तियाँ लाल या कठोर नहीं होतीं, जिससे पौधे स्वस्थ बने रहते हैं और उनकी वृद्धि बेहतर होती है।
फोर्स का प्रयोग फोलियर स्प्रे के रूप में किया जाता है। इसके लिए 15 लीटर पानी में 40 मिली या 25 लीटर पानी में 65 मिली दवा को अच्छी तरह घोलकर फसल पर समान रूप से छिड़काव करना चाहिए। छिड़काव सुबह या शाम के समय करना अधिक उपयुक्त माना जाता है, जब धूप कम हो और हवा तेज़ न चल रही हो। यह कीटनाशक अन्य अनुशंसित कीटनाशकों के साथ मिश्रण करके भी सुरक्षित रूप से प्रयोग किया जा सकता है।
फोर्स के उपयोग से कीटों का तेज़ और प्रभावी नियंत्रण होता है, जिससे फसलों को प्रारंभिक अवस्था से ही सुरक्षा मिलती है। यह पौधों की पत्तियों और तनों को नुकसान से बचाता है तथा फसल की हरियाली और प्राकृतिक बनावट को बनाए रखने में सहायक होता है। इसके प्रयोग से फसल की गुणवत्ता में सुधार होता है और उत्पादन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिससे किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त होता है।
यदि फोर्स का उपयोग अनुशंसित मात्रा से अधिक किया जाए, तो यह लाभकारी कीटों पर भी प्रभाव डाल सकता है। अत्यधिक या बार-बार छिड़काव करने से कीटों में प्रतिरोधक क्षमता विकसित होने की संभावना भी रहती है। इसलिए इसका उपयोग हमेशा आवश्यकता और फसल की अवस्था को ध्यान में रखकर ही करना चाहिए।
फोर्स का उपयोग करते समय सुरक्षात्मक कपड़े, दस्ताने और मास्क अवश्य पहनें। छिड़काव के दौरान धूम्रपान, खाना या पीना नहीं चाहिए। दवा को बच्चों, पशुओं और खाद्य पदार्थों से दूर रखें तथा ठंडी और सूखी जगह पर सुरक्षित रूप से संग्रहित करें। छिड़काव के बाद हाथ-पैर और चेहरे को साबुन से अच्छी तरह धोना आवश्यक है।