We believe that true wellness begins with natural, chemical-free products that honor both the body and the planet.
KILLER by Vasudev Organic is a powerful and eco-friendly pesticide formulated to safeguard your crops against harmful pests and diseases. Its advanced formulation ensures comprehensive protection while maintaining the ecological balance of your farm..
How It Works:
KILLER disrupts the pest's feeding and reproductive cycles, ensuring a thorough
eradication of infestations. Its dual-action mechanism guarantees effective results,
whether applied as a foliar spray or soil treatment.!
किलर एक प्रभावशाली ऑर्गेनोफॉस्फोरस श्रेणी का कीटनाशक है, जिसमें क्लोरोपायरिफॉस 20% ई.सी. सक्रिय तत्व के रूप में मौजूद है। यह कीटनाशक संपर्क क्रिया के माध्यम से कार्य करता है और फसलों में पाए जाने वाले विभिन्न हानिकारक कीटों को नियंत्रित करने के लिए व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। किलर को इस प्रकार विकसित किया गया है कि यह खेत की प्रारंभिक अवस्था से लेकर फसल की बढ़वार तक प्रभावी सुरक्षा प्रदान करता है।
किलर कीटनाशक कीटों के तंत्रिका तंत्र पर प्रभाव डालता है, जिससे उनकी गतिविधियाँ बाधित हो जाती हैं और वे शीघ्र नष्ट हो जाते हैं। इसका उपयोग कपास, धान, सोयाबीन, चना, मूंगफली, अरहर एवं विभिन्न सब्जी फसलों में होने वाले चूसक और जमीन में रहने वाले कीटों के नियंत्रण के लिए किया जाता है। इसके अतिरिक्त यह दीमक नियंत्रण में भी अत्यंत प्रभावी पाया गया है, जिससे फसलों की जड़ों और तनों को होने वाला नुकसान रोका जा सकता है।
किलर का उपयोग बहुउद्देशीय रूप से किया जा सकता है। इसे बीजोपचार के लिए, पौध को घोल में डुबोकर तथा फोलियर स्प्रे के रूप में प्रयोग में लाया जाता है। कृषि के अलावा इसका सीमित उपयोग पशुओं में जूँ नियंत्रण के लिए भी किया जाता है, जहाँ इसे निर्धारित मात्रा में पानी में घोलकर बाहरी प्रयोग हेतु इस्तेमाल किया जाता है। इसकी बहुपयोगी प्रकृति इसे किसानों के लिए एक उपयोगी कीटनाशक बनाती है।
कृषि फसलों में किलर का प्रयोग फोलियर स्प्रे के रूप में किया जाता है। इसके लिए 15 लीटर पानी में 40 मिली या 25 लीटर पानी में 65 मिली दवा को अच्छी तरह घोलकर फसल पर समान रूप से छिड़काव करना चाहिए। पशुओं में जूँ नियंत्रण के लिए 3 से 5 मिली दवा प्रति लीटर पानी में मिलाकर उपयोग किया जाता है। छिड़काव सुबह या शाम के समय करना अधिक प्रभावी माना जाता है।
किलर के संतुलित और समय पर उपयोग से फसलें कीटों से सुरक्षित रहती हैं, पौधों की वृद्धि सामान्य बनी रहती है और जड़ों तथा तनों को होने वाला नुकसान कम होता है। इसके प्रयोग से फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है और उत्पादन में स्थिरता बनी रहती है, जिससे किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त होता है।
किलर का उपयोग केवल अनुशंसित मात्रा में ही करें। छिड़काव के समय सुरक्षात्मक कपड़े, दस्ताने और मास्क पहनना आवश्यक है। उत्पाद को बच्चों, पशुओं और खाद्य पदार्थों से दूर रखें तथा ठंडी, सूखी और छायादार जगह पर सुरक्षित रूप से संग्रहित करें।