We believe that true wellness begins with natural, chemical-free products that honor both the body and the planet.
Prozole by Vasudev Organics is an advanced organic fungicide specially formulated to protect crops from a wide range of fungal infections. Made using plant-based extracts and bio-active compounds, Prozole provides effective control against fungal diseases like powdery mildew, downy mildew, leaf spots, wilt, blight, and root rot — all without the use of harsh chemicals.
Prozole is a broad-spectrum organic fungicide that works by inhibiting the growth and spread of harmful fungi. It creates a protective barrier on the plant surface while penetrating the plant tissue to stop existing infections. Suitable for preventive as well as curative applications, Prozole is ideal for all major crops, including vegetables, fruits, cereals, pulses, and horticultural plants.
प्रोजोल एक उच्च प्रभाव वाला शाकनाशी (कीजालोफोप इथाइल 5% ईसी) है, जिसका उपयोग विशेष रूप से चौड़ी पत्ती वाली फसलों में संकरी पत्ती वाले खरपतवारों को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। इसका प्रयोग सोयाबीन, कपास, मूँगफली, उड़द, प्याज और अन्य संबंधित फसलों में किया जाता है। यह खरपतवार को जलाता नहीं बल्कि उसकी जैव रासायनिक गतिविधियों को बाधित कर उसे नष्ट करता है। प्रोजोल एंजाइम एसिटाइल सीओए कार्बोक्सिलेज की गतिविधि को रोकता है, जो पौधों में लिपिड संश्लेषण के लिए आवश्यक है। खरपतवार प्रोजोल को जल्दी अवशोषित कर लेता है, जिससे उसका विकास रुक जाता है और वह धीरे-धीरे मर जाता है।
प्रोजोल का इस्तेमाल करने से जिद्दी और संकरी पत्ती वाले खरपतवार प्रभावी रूप से नियंत्रित होते हैं। इससे फसल को पर्याप्त पोषक तत्व, पानी और सूर्य का प्रकाश मिलता है, जिससे पौधों की वृद्धि बढ़ती है और फसल की गुणवत्ता एवं उपज में सुधार होता है। उपयोग करने से किसान का समय और श्रम भी बचता है।
अनुशंसित मात्रा से अधिक प्रयोग करने पर फसल को नुकसान हो सकता है। संवेदनशील फसलों पर गलती से छिड़काव फसल की वृद्धि और स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकता है। तेज हवा, वर्षा या ओस वाले मौसम में छिड़काव करने पर रासायनिक फैलाव से आसपास की फसलों या पर्यावरण को हानि पहुँच सकती है।
प्रोजोल को पानी में अच्छी तरह घोलकर फसल पर समान रूप से छिड़काव करें। सबसे अच्छा परिणाम उस समय मिलता है जब खरपतवार पूरी तरह हरा और सक्रिय अवस्था में हो। उपयोग से पहले पानी की मात्रा और घोल बनाने की विधि का सही पालन करना आवश्यक है।
छिड़काव के दौरान सुरक्षात्मक कपड़े, दस्ताने और मास्क पहनें। बच्चों और पालतू जानवरों को छिड़काव क्षेत्र से दूर रखें। बचा हुआ घोल सुरक्षित स्थान पर रखें और उपकरणों को अच्छी तरह साफ करें। वर्षा या तेज हवा में छिड़काव न करें।
सोयाबीन, कपास, मूँगफली, उड़द, प्याज और अन्य चौड़ी पत्ती वाली फसलें।